वाराणसी में घूमने के लिए ये 5 जगह हैं सबसे ज्यादा बेमिसाल | Varanasi me Ghumne ki Jagah
देवो की नगरी वाराणसी की कुछ रोचक जानकारी और टॉप 5 मंदिर
वाराणसी भारत के धार्मिक स्थानो में से एक है,अगर आप भक्ति में आस्था रखते हैं, तो आपके लिए सबसे पवित्र स्थान में से एक स्थान वाराणसी आके के लिए सही चुनाव होगा|यह शाम होते ही है, सारे श्रद्धालू भक्ति रंग में रंग जाते हैं, जगह-जगह पवित्र गंगा के घंटों पर पंडितो के हाथो में बड़े-बड़े दि और गंगा आरती होती है|
वाराणसी में घूमने के लिए ये 5 जगह हैं | Varanasi me Ghumne ki Jagah
वाराणसी एक ऐसी जगह है जहां जाने के बाद आत्मा शुद्ध हो जाती है देवनगरी भी कह सकते है वाहा 3 करोड़ देवी-देवताओं का निवास स्थान है
अगर हम भारतीय अपनी संस्कृति देखना चाहें तो एक बार अवश्य आना चाहिए, यहाँ देश विदेशो से श्रद्धलु आते हैं वाराणसी का मुख्य नगर काशी है, जैसे हमारे पूर्व कहते थे कि इस नगर को भगवान शिव ने खुद अपने हाथों से बसाया था। जिसका कारण आज भी बहुत महत्तवपूर्ण मन जाता है इस नगर का बारे में हमारे बहुत से हिंदू ग्रंथ में लिखा गया है जैसे महाभारत, रामायण, स्कंद आदि में. यहां सबसे आकर्षण का केंद्र भगवान शिव के मदिर काशीविश्वनाथ को माना जाता हैहमारे साधु संतो की अनुशार कहा जाता है कि जो कोई अपने जीवन की अंतिम क्षाद काशी में गुजराता है उन्हें भगवान शिव खुद मोक्ष प्रदान करवाते हैं|
कहा जाता है कि काशी में भगवान शिव विराजते हैं, और यहां 30 करोड़ देवी देवता आज भी विराजमान हैं, इसीलिये वाराणसी को मंदिरों का सहारा कहा जाता है वैसे वाराणसी और काशी में मंदिरों की संख्या बहुत है, हर 100 मीटर पर एक मंदिर आपको मिल जाएगा
ये है काशी का 5 प्रमुख मंदिर
1.श्री काशी विश्वनाथ मंदिर
2.मृत्युंजय महादेव मन्दिर
3.संकटमोचन मन्दिर
4.कालभैरव मन्दिर
कालभैरव मंदिर भी बहुत प्रसिद्ध मंदिर कहा जाता है '' पहले 'काशी कोतवाल' की पूजा फिर काम दूजा...'' इस मंदिर को काशी का रखवाला मन जाता है,
5.मणिकर्णिका घाट
मणिकर्णिका घाट वाराणसी के 84 घाटों में से एक बहुत ही प्रसिद्ध घाट है, इस घाट पर ज्यादा मोक्ष प्राप्ति के लिए मन जाता है, या एक शक्ति पीठ है यहां माता शती के कान के बाली गिर गई थी उसी वजह से इसका नाम मणिकर्णिका पदा, मणिकर्णिका का अर्थ है कान की बाली।
वैसे कहा जाता है कि वाराणसी में साधु संतों की संख्या बहुत ज्यादा है कि यहां पर मंदिरों की संख्या अधिक होने के कारण अच्छे-अच्छे पुजारी हर एक मंदिरों में मिल जाएंगे आपको और पूरे वाराणसी में अनगिनत धर्मशाला भी मिल जाएंगे वैसे बनारस का एक नियम रहा है कि आज तक कोई भूखा नहीं रह, भगवान शिव की कृपा से सब को रात्रि का भोजन कहीं ना कहीं से मिल ही जाता है







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